| 1 | आसाप का भजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर यहोवा ने कहा है, और उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक पृथ्वी के लोगों को बुलाया है। |
| 2 | सिय्योन से, जो परम सुन्दर है, परमेश्वर ने अपना तेज दिखाया है। |
| 3 | हमारा परमेश्वर आएगा और चुपचाप न रहेगा, आग उसके आगे आगे भस्म करती जाएगी; और उसके चारों ओर बड़ी आँधी चलेगी। |
| 4 | वह अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये ऊपर के आकाश को और पृथ्वी को भी पुकारेगा: |
| 5 | “मेरे भक्तों को मेरे पास इकट्ठा करो, जिन्होंने बलिदान चढ़ाकर मुझ से वाचा बाँधी है!” |
| 6 | स्वर्ग उसके धर्मी होने का प्रचार करेगा क्योंकि परमेश्वर तो आप ही न्यायी है। (सेला) |
| 7 | “हे मेरी प्रजा, सुन, मैं बोलता हूँ, और हे इस्राएल, मैं तेरे विषय साक्षी देता हूँ। परमेश्वर तेरा परमेश्वर मैं ही हूँ। |
| 8 | मैं तुझ पर तेरे मेलबलियों के विषय में दोष नहीं लगाता, तेरे होमबलि तो नित्य मेरे लिये चढ़ते हैं। |
| 9 | मैं न तो तेरे घर से बैल न तेरे पशुशाला से बकरे लूँगा। |
| 10 | क्योंकि वन के सारे जीव-जन्तु और हज़ारों पहाड़ों के जानवर मेरे ही हैं। |
| 11 | पहाड़ों के सब पक्षियों को मैं जानता हूँ, और मैदान पर चलने फिरनेवाले जानवर मेरे ही हैं। |
| 12 | “यदि मैं भूखा होता तो तुझ से न कहता; क्योंकि जगत् और जो कुछ उस में है वह मेरा है। |
| 13 | क्या मैं बैल का मांस खाऊँ, या बकरों का लहू पीऊँ? |
| 14 | परमेश्वर को धन्यवाद ही का बलिदान चढ़ा, और परमप्रधान के लिये अपनी मन्नतें पूरी कर; |
| 15 | और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।” |
| 16 | परन्तु दुष्ट से परमेश्वर कहता है: “तुझे मेरी विधियों का वर्णन करने से क्या काम? तू मेरी वाचा की चर्चा क्यों करता है? |
| 17 | तू तो शिक्षा से बैर करता, और मेरे वचनों को तुच्छ जानता है। |
| 18 | जब तू ने चोर को देखा, तब उसकी संगति से प्रसन्न हुआ; और परस्त्रीगामियों के साथ भागी हुआ। |
| 19 | “तू ने अपना मुँह बुराई करने के लिये खोला, और तेरी जीभ छल की बातें गढ़ती है। |
| 20 | तू बैठा हुआ अपने भाई के विरुद्ध बोलता; और अपने सगे भाई की चुगली खाता है। |
| 21 | यह काम तू ने किया, और मैं चुप रहा; इसलिये तू ने समझ लिया कि परमेश्वर बिलकुल मेरे समान है। परन्तु मैं तुझे समझाऊँगा, और तेरी आँखों के सामने सब कुछ अलग अलग दिखाऊँगा। |
| 22 | “हे परमेश्वर को भूलनेवालो, यह बात भली भाँति समझ लो, कहीं ऐसा न हो कि मैं तुम्हें फाड़ डालूँ, और कोई छुड़ानेवाला न हो। |
| 23 | धन्यवाद के बलिदान का चढ़ानेवाला मेरी महिमा करता है; और जो अपना चरित्र उत्तम रखता है उसको मैं परमेश्वर का किया हुआ उद्धार दिखाऊँगा!” |