|
1
|
प्रधान बजानेवाले के लिये दाऊद का भजन आकाश परमेश्वर की महिमा का वर्णन कर रहा है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।
|
|
2
|
दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है।
|
|
3
|
न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहाँ उनका शब्द सुनाई नहीं देता है।
|
|
4
|
उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूँज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुँच गए हैं। उन में उसने सूर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है,
|
|
5
|
जो दुल्हे के समान अपने महल से निकलता है। वह शूरवीर के समान अपनी दौड़ दौड़ने में हर्षित होता है।
|
|
6
|
वह आकाश के एक सिरे से निकलता है, और वह उसके दूसरे सिरे तक चक्कर मारता है; और उसकी गर्मी सबको पहुँचती है।
|
|
7
|
यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं;
|
|
8
|
यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आँखों में ज्योति ले आती है;
|
|
9
|
यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं।
|
|
10
|
वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकनेवाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं।
|
|
11
|
उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।
|
|
12
|
अपनी भूलचूक को कौन समझ सकता है? मेरे गुप्त पापों से तू मुझे पवित्र कर।
|
|
13
|
तू अपने दास को ढिठाई के पापों से भी बचाए रख; वे मुझ पर प्रभुता करने न पाएँ! तब मैं सिद्ध हो जाऊँगा, और बड़े अपराधों से बचा रहूँगा।
|
|
14
|
मेरे मुँह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करनेवाले!
|
आप पद संख्या पर क्लिक करके पद को चुन सकते हैं।
काम करता है
Shift
और
Ctrl