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1
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प्रधान बजानेवाले के लिये। दाऊद का भजन मेरा भरोसा परमेश्वर पर है; तुम कैसे मेरे प्राण से कह सकते हो, “पक्षी के समान अपने पहाड़ पर उड़ जा;
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2
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क्योंकि देखो, दुष्ट अपने धनुष चढ़ाते हैं, और अपने तीर धनुष की डोरी पर रखते हैं, कि सीधे मनवालों पर अन्धियारे में तीर चलाएँ;
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3
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यदि नीवें ढा दी जाएँ तो धर्मी क्या कर सकता है?”
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4
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परमेश्वर अपने पवित्र भवन में है; परमेश्वर का सिंहासन स्वर्ग में है; उसकी आँखें मनुष्य की सन्तान को नित देखती रहती हैं और उसकी पलकें उनको जाँचती हैं।
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5
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यहोवा धर्मी को परखता है, परन्तु वह उनसे जो दुष्ट हैं और उपद्रव से प्रीति रखते हैं अपनी आत्मा में घृणा करता है।
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6
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वह दुष्टों पर फन्दे बरसाएगा; आग और गन्धक और प्रचण्ड लूह उनके कटोरों में बाँट दी जाएँगी।
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7
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क्योंकि यहोवा धर्मी है, वह धर्म ही के कामों से प्रसन्न रहता है; धर्मीजन उसका दर्शन पाएँगे।
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