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1
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यात्रा का गीत हे यहोवा, मैं ने गहिरे स्थानों में से तुझ को पुकारा है!
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2
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हे प्रभु, मेरी सुन! तेरे कान मेरे गिड़गिड़ाने की ओर ध्यान से लगे रहें!
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3
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हे याह, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु, कौन खड़ा रह सकेगा?
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4
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परन्तु तू क्षमा करनेवाला है, जिससे तेरा भय माना जाए।
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5
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मैं यहोवा की बाट जोहता हूँ, मैं जी से उसकी बाट जोहता हूँ, और मेरी आशा उसके वचन पर है;
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6
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पहरुए जितना भोर को चाहते हैं, हाँ, पहरुए जितना भोर को चाहते हैं, उस से भी अधिक मैं यहोवा को अपने प्राणों से चाहता हूँ।
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7
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इस्राएल यहोवा पर आशा लगाए रहे! क्योंकि यहोवा करुणा करनेवाला और पूरा छुटकारा देनेवाला है।
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8
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इस्राएल को उसके सारे अधर्म के कामों से वही छुटकारा देगा।
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