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याह की स्तुति करो! हे यहोवा के दासो, स्तुति करो, यहोवा के नाम की स्तुति करो!
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यहोवा का नाम अब से लेकर सर्वदा तक धन्य कहा जाय!
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3
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उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक, यहोवा का नाम स्तुति के योग्य है।
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4
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यहोवा सारी जातियों के ऊपर महान् है, और उसकी महिमा आकाश से भी ऊँची है।
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5
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हमारे परमेश्वर यहोवा के तुल्य कौन है? वह तो ऊँचे पर विराजमान है,
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6
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और आकाश और पृथ्वी पर भी, दृष्टि करने के लिये झुकता है।
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7
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वह कंगाल को मिट्टी पर से, और दरिद्र को घूरे पर से उठाकर ऊँचा करता है,
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8
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कि उसको प्रधानों के संग, अर्थात् अपनी प्रजा के प्रधानों के संग बैठाए।
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9
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वह बाँझ को घर में लड़कों की आनन्द करनेवाली माता बनाता है। याह की स्तुति करो!
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