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यात्रा का गीत: दाऊद का इस्राएल यह कहे, कि यदि हमारी ओर यहोवा न होता,
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2
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यदि यहोवा उस समय हमारी ओर न होता जब मनुष्यों ने हम पर चढ़ाई की,
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3
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तो वे हम को उसी समय जीवित निगल जाते, जब उनका क्रोध हम पर भड़का था,
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4
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हम उसी समय जल में डूब जाते और धारा में बह जाते;
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5
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उमड़ते जल में हम उसी समय ही बह जाते।
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6
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धन्य है यहोवा, जिसने हम को उनके दाँतों तले जाने न दिया!
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7
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हमारा जीव पक्षी के समान चिड़ीमार के जाल से छूट गया; जाल फट गया, हम बच निकले!
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8
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यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, हमारी सहायता उसी के नाम से होती है।
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