| 1 | यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा: |
| 2 | “हे मनुष्य के सन्तान, अम्मोनियों की ओर मुँह करके उनके विषय में भविष्यद्वाणी कर। |
| 3 | उनसे कह, हे अम्मोनियो, परमेश्वर यहोवा का वचन सुनो, परमेश्वर यहोवा यों कहता है कि तुम ने जो मेरे पवित्रस्थान के विषय जब वह अपवित्र किया गया, और इस्राएल के देश के विषय जब वह उजड़ गया, और यहूदा के घराने के विषय जब वे बँधुआई में गए, अहा, अहा! कहा। |
| 4 | इस कारण देखो, मैं तुझ को पूर्व देश के लोगों के अधिकार में करने पर हूँ; और वे तेरे बीच अपनी छावनियाँ डालेंगे और अपने घर बनाएँगे; वे तेरे फल खाएँगे और तेरा दूध पीएँगे। |
| 5 | मैं रब्बा नगर को ऊँटों के रहने और अम्मोनियों के देश को भेड़-बकरियों के बैठने का स्थान कर दूँगा; तब तुम जान लोगे कि मैं यहोवा हूँ। |
| 6 | क्योंकि परमेश्वर यहोवा यों कहता है: तुम ने जो इस्राएल के देश के कारण ताली बजाई और नाचे, और अपने सारे मन के अभिमान से आनन्द किया, |
| 7 | इस कारण देख, मैं ने अपना हाथ तेरे ऊपर बढ़ाया है; और तुझ को जाति जाति की लूट कर दूँगा, और देश देश के लोगों में से तुझे मिटाऊँगा; और देश देश में से नष्ट करूँगा। मैं तेरा सत्यानाश कर डालूँगा; तब तू जान लेगा कि मैं यहोवा हूँ। |
| 8 | “परमेश्वर यहोवा यों कहता है: मोआब और सेईर जो कहते हैं, देखो, यहूदा का घराना और सब जातियों के समान हो गया है। |
| 9 | इस कारण देख, मोआब के देश के किनारे के नगरों को बेत्यशीमोत, बालमोन, और किर्यातैम, जो उस देश के शिरोमणि हैं, मैं उनका मार्ग खोलकर |
| 10 | उन्हें पूर्व देश के लोगों के वश में ऐसा कर दूँगा कि वे अम्मोनियों पर चढ़ाई करें; और मैं अम्मोनियों को यहाँ तक उनके अधिकार में कर दूँगा कि जाति जाति के बीच उनका स्मरण फिर न रहेगा। |
| 11 | मैं मोआब को भी दण्ड दूँगा। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। |
| 12 | “परमेश्वर यहोवा यों भी कहता है: एदोम ने जो यहूदा के घराने से पलटा लिया, और उन से बदला लेकर बड़ा दोषी हो गया है, |
| 13 | इस कारण परमेश्वर यहोवा यों कहता है, मैं एदोम के देश के विरुद्ध अपना हाथ बढ़ाकर उस में से मनुष्य और पशु दोनों को मिटाऊँगा; और तेमान से लेकर ददान तक उसको उजाड़ दूँगा; और वे तलवार से मारे जाएँगे। |
| 14 | मैं अपनी प्रजा इस्राएल के द्वारा एदोम से अपना बदला लूँगा; और वे उस देश में मेरे कोप और जलजलाहट के अनुसार काम करेंगे। तब वे मेरा पलटा लेना जान लेंगे, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है। |
| 15 | “परमेश्वर यहोवा यों कहता है: क्योंकि पलिश्ती लोगों ने पलटा लिया, वरन् अपनी युग युग की शत्रुता के कारण अपने मन के अभिमान से बदला लिया कि नाश करें, |
| 16 | इस कारण परमेश्वर यहोवा यों कहता है, देख, मैं पलिश्तियों के विरुद्ध अपना हाथ बढ़ाने पर हूँ, और करेतियों को मिटा डालूँगा; और समुद्रतीर के बचे हुए रहनेवालों का नाश करूँगा। |
| 17 | मैं जलजलाहट के साथ मुक़द्दमा लड़कर, उनसे कड़ाई के साथ पलटा लूँगा। और जब मैं उनसे बदला ले लूँगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।” |