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1 योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे वर्ष में, जब नेरिय्याह का पुत्र बारूक यिर्मयाह भविष्यद्वक्‍ता से भविष्यद्वाणी के ये वचन सुनकर पुस्तक में लिख चुका था,
2 तब उसने उससे यह वचन कहा: “इस्राएल का परमेश्‍वर यहोवा, तुझ से यों कहता है:
3 हे बारूक, तू ने कहा, ‘हाय मुझ पर! क्योंकि यहोवा ने मुझे दु:ख पर दु:ख दिया है; मैं कराहते कराहते थक गया और मुझे कुछ चैन नहीं मिलता।’
4 तू यों कह, यहोवा यों कहता है: देख, इस सारे देश को जिसे मैं ने बनाया था, उसे मैं आप ढा दूँगा, और जिन को मैं ने रोपा था, उन्हें स्वयं उखाड़ फेंकूँगा।
5 इसलिये सुन, क्या तू अपने लिये बड़ाई खोज रहा है? उसे मत खोज; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि मैं सारे मनुष्यों पर विपत्ति डालूँगा; परन्तु जहाँ कहीं तू जाएगा वहाँ मैं तेरा प्राण बचाकर तुझे जीवित रखूँगा।”
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