| 1 | परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह करके, जो जीवतों और मरे हुओं का न्याय करेगा, और उसके प्रगट होने और राज्य की सुधि दिलाकर मैं तुझे आदेश देता हूँ |
| 2 | कि तू वचन का प्रचार कर, समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता और शिक्षा के साथ उलाहना दे और डाँट और समझा। |
| 3 | क्योंकि ऐसा समय आएगा जब लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे, पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुत से उपदेशक बटोर लेंगे, |
| 4 | और अपने कान सत्य से फेरकर कथा-कहानियों पर लगाएँगे। |
| 5 | पर तू सब बातों में सावधान रह, दु:ख उठा, सुसमाचार प्रचार का काम कर, और अपनी सेवा को पूरा कर। |
| 6 | क्योंकि अब मैं अर्घ के समान उंडेला जाता हूँ, और मेरे कूच का समय आ पहुँचा है। |
| 7 | मैं अच्छी कुश्ती लड़ चुका हूँ, मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। |
| 8 | भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा, और मुझे ही नहीं वरन् उन सब को भी जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं। |
| 9 | मेरे पास शीघ्र आने का प्रयत्न कर। |
| 10 | क्योंकि देमास ने इस संसार को प्रिय जानकर मुझे छोड़ दिया है और थिस्सलुनीके को चला गया है। क्रेसकेंस गलातिया को और तीतुस दलमतिया को चला गया है। |
| 11 | केवल लूका मेरे साथ है। मर को लेकर चला आ; क्योंकि सेवा के लिये वह मेरे बहुत काम का है। |
| 12 | तुखिकुस को मैं ने इफिसुस भेजा है। |
| 13 | जो बागा मैं त्रोआस में करपुस के यहाँ छोड़ आया हूँ, जब तू आए तो उसे और पुस्तकें विशेष करके चर्मपत्रों को लेते आना। |
| 14 | सिकन्दर ठठेरे ने मुझ से बहुत बुराइयाँ की हैं; प्रभु उसे उसके कामों के अनुसार बदला देगा। |
| 15 | तू भी उससे सावधान रह, क्योंकि उसने हमारी बातों का बहुत ही विरोध किया है। |
| 16 | मेरे पहले प्रतिवाद के समय किसी ने भी मेरा साथ नहीं दिया, वरन् सब ने मुझे छोड़ दिया था। भला हो कि इसका उनको लेखा देना न पड़े! |
| 17 | परन्तु प्रभु मेरा सहायक रहा और मुझे सामर्थ्य दी, ताकि मेरे द्वारा पूरा पूरा प्रचार हो और सब अन्यजातीय सुन लें। मैं सिंह के मुँह से छुड़ाया गया। |
| 18 | और प्रभु मुझे हर एक बुरे काम से छुड़ाएगा, और अपने स्वर्गीय राज्य में सुरक्षित पहुँचाएगा। उसी की महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन। |
| 19 | प्रिस्का और अक्विला को और उनेसिफुरुस के घराने को नमस्कार। |
| 20 | इरास्तुस कुरिन्थुस में रह गया, और त्रुफिमुस को मैं ने मीलेतुस में बीमार छोड़ा है। |
| 21 | जाड़े से पहले चले आने का प्रयत्न कर। यूबूलुस, और पूदेंस, और लीनुस और क्लौदिया, और सब भाइयों का तुझे नमस्कार। |
| 22 | प्रभु तेरी आत्मा के साथ रहे। तुम पर अनुग्रह होता रहे। |