| 1 | समुद्र के पास के जंगल के विषय भारी वचन। जैसे दक्षिणी प्रचण्ड बवण्डर चला आता है, वैसे ही वह जंगल से अर्थात् डरावने देश से निकट आ रहा है। |
| 2 | कष्ट की बातों का मुझे दर्शन दिखाया गया है; विश्वासघाती विश्वासघात करता है, और नाशक नाश करता है। हे एलाम, चढ़ाई कर, हे मादै, घेर ले; उसका सब कराहना मैं बन्द करता हूँ। |
| 3 | इस कारण मेरी कटि में कठिन पीड़ा है; मुझ को मानो ज़च्चा की सी पीड़ा हो रही है; मैं ऐसे संकट में पड़ गया हूँ कि कुछ सुनाई नहीं देता, मैं ऐसा घबरा गया हूँ कि कुछ दिखाई नहीं देता। |
| 4 | मेरा हृदय धड़कता है, मैं अत्यन्त भयभीत हूँ; जिस साँझ की मैं बाट जोहता था उसे उसने मेरी थरथराहट का कारण कर दिया है। |
| 5 | भोजन की तैयारी हो रही है, पहरुए बैठाए जा रहे हैं, खाना–पीना हो रहा है। हे हाकिमो, उठो, ढाल में तेल मलो! |
| 6 | क्योंकि प्रभु ने मुझ से यों कहा है, “जाकर एक पहरुआ खड़ा कर दे, और वह जो कुछ देखे उसे बताए। |
| 7 | जब वह सवार देखे जो दो–दो करके आते हों, और गदहों और ऊँटों के सवार, तब बहुत ही ध्यान देकर सुने।” |
| 8 | और उसने सिंह के से शब्द से पुकारा, “हे प्रभु, मैं दिन भर खड़ा पहरा देता रहा और मैं ने पूरी रातें पहरे पर काटीं। |
| 9 | और क्या देखता हूँ कि सवारों का दल अर्थात् दो–दो करके सवार चले आ रहे हैं!” और वह बोल उठा, “गिर पड़ा, बेबीलोन गिर पड़ा; और उसके देवताओं की सब खुदी हुई मूरतें भूमि पर चकनाचूर कर डाली गई हैं।” |
| 10 | हे मेरे दाएँ हुए, और मेरे खलिहान के अन्न, जो बातें मैं ने इस्राएल के परमेश्वर सेनाओं के यहोवा से सुनी हैं, उनको मैं ने तुम्हें बता दिया है। |
| 11 | दूमा के विषय भारी वचन। सेईर में से कोई मुझे पुकार रहा है, “हे पहरुए, रात का क्या समाचार है? हे पहरुए, रात की क्या खबर है?” |
| 12 | पहरुए ने कहा, “भोर होती है और रात भी। यदि तुम पूछना चाहते हो तो पूछो; फिर लौटकर आना।” |
| 13 | अरब के विरुद्ध भारी वचन। हे ददानी बटोहियो, तुम को अरब के जंगल में रात बितानी पड़ेगी। |
| 14 | हे तेमा देश के रहनेवालो, प्यासे के पास जल लाओ और रोटी लेकर भागनेवालों से मिलने के लिये जाओ। |
| 15 | क्योंकि वे तलवारों के सामने से वरन् नंगी तलवार से और ताने हुए धनुष से और घोर युद्ध से भागे हैं। |
| 16 | क्योंकि प्रभु ने मुझ से यों कहा है, “मजदूर के वर्षों के अनुसार, एक ही वर्ष में केदार का सारा वैभव मिटाया जाएगा; |
| 17 | और केदार के धनुर्धारी शूरवीरों में से थोड़े ही रह जाएँगे; क्योंकि इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने ऐसा कहा है।” |